हापुड़, अक्टूबर 16 -- Hapur News: अपने ज्येष्ठ भ्राता एवं लंकापति दसानन रावण के अन्याय से आहत होकर विभीषण भगवान राम की शरण में पहुंचा तो भगवान ने रावण के अन्याय से संसार को मुक्ति दिलाने का संकल्प लेकर उसे अपने पास शरण दे दी। महाभारत कालीन पौराणिक गढ़ गंगानगरी के एतिहासिक बारादरी मैदान में चल रहे श्रीराम लीला मंचन में लंकापति रावण का अनुज विभीषण उससे त्रस्त होकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की शरण में पहुंचा। जिसने रावण द्वारा किए जा रहे अन्याय की गाथा सुनाई तो भगवान राम ने उसे अपनी शरण में लेते हुए रावण के अन्याय से समूची मानव जाति को मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया। यह भी पढ़ें- Sonbhadra News: नक्कटैया की लीला का किया गया सजीव मंचन इस दौरान मैदान में बैठे महिला बच्चों समेत हजारों की भीड़ ने जयकारे लगाए तो समूचा वातावरण राममई रंग में परिवर...