हापुड़, अक्टूबर 18 -- Hapur News: दसानन पुत्र मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र चलाकर राम के अनुज लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया, तो बजरंगबली हनुमान संजीवनी बूटी की पहचान न होने पर समूचे सुमेरू पर्वत को ही उखाड़ लाए, जिससे लक्ष्मण के प्राण बचने पर भगवान राम की खुशी का कोई ठिकाना न रहा। गढ़ के एतिहासिक बारादरी मैदान में चल रहे रामलीला मंचन में लक्ष्मण मूर्छा का मंचन हुआ। युद्ध होने पर लंकापति रावण के महाबलशाली पुत्र मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र छोडक़र श्रीराम के अनुज लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया, तो भगवान राम बुरी तरह व्याकुल होकर विलाप करने लगे। जिससे मैदान में बैठी हजारों भक्तों की भीड़ की आंखें भर आईं। यह भी पढ़ें- Mau News: रामलीला:सूर्पणखा की नासिका छेदन से सीता हरण तक भावपूर्ण मंचन मूर्छित लक्ष्मण के प्राण बचाने को सुसैन वैद्य को बुलाया गया, जिन्होंने सुमेर...