हापुड़, अगस्त 5 -- Hapur News: हापुड़। नगर के श्री चंडी मंदिर प्रागंण में चल रही श्री शिव महापुराण एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के दूसरे दिन व्यास पंडित मोहित भारद्वाज ने महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पुरानी कथा राजा चंद्रसेन भगवान शिव के स्वयंभू प्रगटी करण से जुड़ी है। उज्जैन में चंद्रसेन नाम के एक महान राजा राज्य करते थे जो भगवान शिव के बड़े भक्त थे। उन्होंने बताया कि दूषण नाम का एक क्रूर राक्षस रहता था जिसे ब्रह्मा जी से वरदान मिला था। उसने उज्जैन के धार्मिक ब्राह्मणों और संतों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया, संकट में फंसे लोगों ने भगवान शिव से अपनी रक्षा की गुहार लगाई तभी भगवान शिव धरती को चिरकर महाकाल के रूप में प्रकट हुए। यह भी पढ़ें- Saharanpur News: अहंकार ...