नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- Hanuman janmotsav: भगवान शिव के 11वें रूद्र के रूप में प्रकट हुए भगवान हनुमान महाराज कलयुग के सारथी हैं। बल बुद्धि विद्या के दाता हैं जो हर-एक परिस्थिति में प्रत्येक स्थान पर और प्रतिपल अपने भक्तों पर कृपा करने के लिए तत्पर रहते हैं और पृथ्वी पर साक्षात रूप में विध्यमान हैं। कहते हैं हनुमान जी की पूजा में पहले श्री राम को भी स्थान दें। ऐसा कहा जाता है कि भगवान की भक्ति बिना श्री राम के नहीं होती है। इस दिन हनुमान जी को प्रिय भोग चना और गुड़, खीर, जलेबी, गुलगुले, बूंदी, बेसन का हल्वा, रोट, पान की बीड़ा, केला, बेसन के लड्डू आदि का भोग लगाना चाहिए। भगवान से मन्नत मांग चोला भी अर्पित करें। हनुमान जयंती पर हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का भी संयोग मिल रहा है। आज सुबह से दोपहर 02:20 बजे तक ध्रूव योग रहेगा, इसके बाद हस्त नक्षत...
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