नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- हनुमान जयंती का पावन पर्व हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रावतार माने जाते हैं और उन्होंने वानर रूप में जन्म लेकर अपना पूरा जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया। बचपन में ही बजरंगबली को कई सिद्ध और चमत्कारिक वरदानी शक्तियां प्राप्त थीं। लेकिन उनके साथ कुछ ऐसा हुआ कि वो बचपन में ही अपनी शक्तियां भूल गए थे। चलिए जानते हैं कि वो अपनी वरदानी शक्तियां कैसे भूल गए और किन देवी-देवताओं ने कौन सा वरदान दिया था।पौराणिक कथा पौराणिक कथा के मुताबिक हनुमान जी को अनेक देवी-देवताओं से अलग-अलग प्रकार के वरदान और दिव्य अस्त्र-शस्त्र प्राप्त हुए...