हमीरपुर, जुलाई 9 -- Hamirpur News: राठ, संवाददाता। रोडवेज परिसर जरा सी बारिश में तालाब बन गया है। एक टीनशैड के अलावा यात्रियों को कोई व्यवस्था नहीं है। उनके पीने के पानी से लेकर ऊबड़-खाबड़ परिसर से सामना करना पड़ता है। डिपो के अंदर से बसें भी डांवाडोल कर आती हैं। राठ वाले बरसों से रोडवेज के कायाकल्प की आस लगाए बैठे हैं। जबकि आठ साल पहले यूपी सरकार द्वारा राठ बस स्टेशन टर्मिनल की सूची में आया था। जनपद का सर्वाधिक आय देने वाला राठ डिपो है। यहां पर रोज ही 100 से अधिक बसों का आना-जाना रहता है। हजारों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। राठ डिपो के पास भी तकरीबन 105 बसें हैं। जो दिल्ली, लखनऊ, झांसी जैसे बड़े रूट पर संचालित होती हैं। हजारों की संख्या में आने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज में कोई भी सुविधा नहीं है। एक टीनशैड के अलावा कहीं भी यात्रि...