हल्द्वानी, अगस्त 20 -- Haldwani News: हल्द्वानी। कुमाऊं का प्रवेश द्वार हल्द्वानी अब केवल ट्रैफिक की समस्या से नहीं, बल्कि एक गंभीर आर्थिक और पर्यावरणीय संकट से जूझ रहा है। 'हिन्दुस्तान' की एक सप्ताह तक की गई विशेष ट्रैफिक पड़ताल और गूगल मैप्स के लाइव व हिस्टोरिकल ट्रैफिक पैटर्न के विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि पीक आवर्स में प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार घटकर महज 6 से 10 किमी प्रति घंटा रह जाती है। विश्लेषण के मुताबिक रोजाना 30 से 50 मिनट जाम में गंवाने वाला व्यक्ति सालभर में 182 से 304 घंटे (करीब 7.5 से 13 दिन) सड़क पर खो देता है। इसके अलावा, वाहनों की आइडलिंग (स्टार्ट रखकर खड़े रहना), बार-बार गियर बदलने और ब्रेक लगाने से चालकों की जेब पर हर महीने 200 से 550 रुपये (दुपहिया व चौपहिया के औसत अनुसार) अतिरिक्त ईंधन खर्च का बोझ पड़ रहा है...