हल्द्वानी, अक्टूबर 21 -- Haldwani News: हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। किसी के सिर पर राम का मुकुट सजा तो किसी ने रावण के दस सिरों वाले अहंकार को मंच पर जीवंत किया। कोई सीता बनी तो किसी ने हनुमान बनकर भक्ति और सेवा का संदेश दिया। फर्क सिर्फ इतना था कि रामलीला का यह मंच किसी मैदान में नहीं, बल्कि हल्द्वानी उप कारागार के भीतर सजा था। मंगलवार शाम यहां हत्या, देह व्यापार समेत विभिन्न मामलों में बंद महिला बंदियों ने रामायण के पात्रों का अभिनय किया। जिन महिलाओं की जिंदगी आज सलाखों के पीछे गुजर रही है, वे मंच पर अच्छाई की जीत और बुराई के अंत की कहानी सुना रही थीं। उनके किरदारों में रामायण की कथा के साथ जीवन में बदलाव और अपराधों छोड़ नई राह चुनने का संदेश भी था। यह भी पढ़ें- Haldwani News: सलाखों के पीछे रामलीला मंचन, हत्या की आरोपी बनीं राम-लक्ष्म...