हल्द्वानी, अगस्त 21 -- Haldwani News: हल्द्वानी, संवाददाता। कुमाऊं के सातूं-आठूं लोकपर्व को महिलाएं धूमधाम से मना रही हैं। गुरुवार को दुर्वाष्टमी के अवसर पर महिलाओं ने पहले तो घरों-मंदिरों में बिरुड़ों से गौरा-महेश्वर की पूजा की। इसके बाद दुर्वाधागे की प्राण प्रतिष्ठा की और पवित्र सूत्र को गले में धारण किया। इस दौरान पुरोहितों ने पूजा-पाठ की। गुरुवार को आवास विकास स्थित पंचेश्वर मंदिर, तारकेश्वर महादेव मंदिर और भोटियापड़ाव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में महिलाओं ने बिरुड़ चढ़ाकर गौरा-महेश की विधि-विधान से पूजा की। महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोकगीत गाए और झोड़ा नृत्य किया। ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि डोर धागा दुर्वाष्टमी पर धारण किया जाता है। इसके अलावा जो बिरुड़े भिगाए गए थे, उनसे गौरा-महेश की पूजा की गई। साथ ही प्रसाद चढ़ाया...