हल्द्वानी, सितम्बर 19 -- Haldwani News: भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। शहर और आसपास की सड़कों पर बेकाबू रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। हादसों का सबसे भयावह असर अब अस्पतालों की इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटरों पर साफ दिख रहा है। पुलिस रिकॉर्ड और निजी अस्पतालों के आंकड़ों की पड़ताल से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में हर महीने करीब दो हजार से अधिक घायल इलाज के लिए अस्पतालों की चौखट पर पहुंच रहे हैं। इनमें एक बड़ी तादाद ऐसे मामलों की है जो ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट या पुलिस डायरी में कभी दर्ज ही नहीं हो पाते। मामूली खरोंच से लेकर सिर, रीढ़ और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटों से जूझ रहे मरीज लगातार अस्पतालों में आ रहे हैं।

सरकारी आंकड़े बनाम अस्पताल की हकीकत नैनीताल जिले में वर्ष 2026 के शुरु...