हल्द्वानी, जुलाई 13 -- Haldwani News: हल्द्वानी। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल में कोरोना काल के दौरान कराड़ों रुपये खर्च कर 'कम्प्रेहैंसिव पीडियाट्रिक केयर यूनिट' (सीपीसीयू) बनायी गई। इस यूनिट के भीतर करीब 12 बेड का एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) भी बनाया गया। यह यूनिट बनने के बाद से आज तक शुरू नहीं हो पाई है। कुमाऊं के सभी छह जिलों से रेफर होकर आने वाले गंभीर नवजात और बच्चे इलाज के लिए एसटीएच पर निर्भर हैं। वर्तमान में एसटीएच में संचालित बीमार नवजातों के लिए विशेष इकाई (एसएनसीयू) है। 24 बेड के यह एसएनसीयू साल भर पैक रहता है। किसी तरह से बाल रोग विभाग के डॉक्टर गंभीर नवजातों का इलाज करते हैं। कई बार एसएनसीयू में जगह नहीं मिल पाती, जिसके चलते मजबूरन गंभीर रूप से बीमार बच्चों व नवजातों को रेफर करना पड़ता है। 12 बेड का एनआईसीयू अगर चालू होत...