गुड़गांव, अगस्त 23 -- Gurgaon News: रेवाड़ी, अशोक वधवा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समरसता कोई एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन जीने का संस्कार है। समरसता का वास्तविक अर्थ अपनी पहचान को मिटाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पहचान का समान सम्मान करते हुए समाज और राष्ट्र की एकता को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री रविवार को बावल में मेघवाल उत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित समस्त अनुसूचित जाति का समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को बतास मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह में पहुंचने पर मेघवाल उत्थान समिति के प्रधान वेद प्रकाश और महासचिव भूपेंद्र मेघवाल ने मुख्यमंत्री सहित समस्त अतिथियों का स्वागत एवं अभिवादन किया। रजवंत डहीनवाल ने मांग पत्र पढ़ा। कार्यक्रम में केबिनेट मं...