गुड़गांव, अक्टूबर 25 -- Gurgaon News: गुरुग्राम, अमर मौर्य। जिले में युवाओं को उद्यम बनने में निजी क्षेत्र के बैंकों का असहयोगात्मक रवैया बाधा बना हुआ है। बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऋण देने से कई निजी बैंकें बचते नजर आ रहे हैं। बैंकों की छह माह की रिपोर्ट में बड़े बैंकों की प्रगति निराशा जताई गई है। निजी क्षेत्र के बैंकों के इस असहयोग को देखते हुए अब यह बात होने लगी है कि इन बैंकों में सरकारी धनराशि जमा करने पर रोक लगाई जाए। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न योजनाओं के तहत दस हजार युवाओं को बैंकों से ऋण दिलाने का लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत ऋण की मार्जिन मनी और ब्याज का वहन प्रदेश सरकार करती है, जिससे लाभार्थी पर ऋण की अदायगी का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता है।युवा उद्यम योजना से बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार से जुड...