गुड़गांव, अगस्त 16 -- Gurgaon News: गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। विकास कार्यों के नाम पर शहर की सड़कों को खोदने और उसके बाद निर्माण सामग्री व मलबा लावारिस छोड़ देने की लापरवाही पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सेक्टर-22 में पेयजल पाइपलाइन डालने के बाद सड़क पर फैला मलबा न हटाने के मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत काम पूरा होने के बाद मलबा हटाने की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाएगी। यह निर्देश न्यायमूर्ति पंकज जैन की पीठ ने गुरुग्राम के सेक्टर-22 निवासी अधिवक्ता पंकज यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। याचिकाकर्ता ने अपने घर के सामने सार्वजनिक सड़क पर पाइपलाइन बिछाने के बाद छोड़ी गई मिट्टी, कीचड़ और मलबे को हटाने की गुहार ...