नई दिल्ली, जून 20 -- सनातन धर्म में नवरात्रों का विशेष महत्व है। इनमें गुप्त नवरात्रि तांत्रिक साधना और गहन आध्यात्मिक उन्नति के लिए जानी जाती है। वर्ष में दो गुप्त नवरात्र होते हैं, जिनमें आषाढ़ माह वाला नवरात्र विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है। इस दौरान दस महाविद्याओं की पूजा के साथ नौ दुर्गा की आराधना की जाती है, जो साधक को आध्यात्मिक शक्ति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन प्रदान करती है।आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 में 14 जुलाई 2026 को दोपहर से शुरू हो रहा है। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई दोपहर से 15 जुलाई सुबह तक रहेगी। इसलिए 15 जुलाई 2026 को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त होगा और इसी दिन से नवरात्र का औपचारिक आरंभ माना जाएगा। यह पर्व 23 जुलाई 2026 को नवमी तिथि पर समाप्त होगा।गुप्त नवरात्रि का महत्व गुप...