नई दिल्ली, जुलाई 13 -- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस साल बेहद खास होने वाली है। सनातन परंपरा में यह काल गुप्त साधनाओं और तांत्रिक अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है। इस बार पूरे 230 साल बाद एक दुर्लभ 'शश-महालक्ष्मी' योग बन रहा है, जो धन, समृद्धि और संकट नाश का महासंयोग माना जा रहा है।गुप्त नवरात्रि की शुरुआत और महत्व इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई 2026, बुधवार से शुरू हो रही है और 22 जुलाई 2026, बुधवार को समाप्त होगी। यह नवरात्रि आम नवरात्रि से अलग होती है, क्योंकि इसमें गुप्त रूप से साधनाएं की जाती हैं। गृहस्थ जीवन जीने वाले लोगों के लिए यह काल कष्टों से मुक्ति और नए संकल्पों का समय है।घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 15 जुलाई को घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 8 बजकर 2 मिनट का है। इस समय पुष्य नक्षत्र और हर्षण योग का अद्भुत संयोग बन रह...