नई दिल्ली, जुलाई 7 -- पेट्रोल और डीजल के बाद अब एक और फ्यूल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग हो रही है। दरअसल, एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने सरकार से विमान ईंधन (एटीएफ) को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की है। इन एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि इससे उनके परिचालन खर्च में कमी आएगी। वर्तमान में राज्यों की ओर से विमान ईंधन पर उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाया जाता है। किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का एक बड़ा हिस्सा विमान ईंधन पर होता है। बता दें कि लंबे समय से पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग हो रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इसको लेकर आज तक पॉजिटिव संकेत नहीं दिए गए।फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने की है मांग एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले 'फेडरेशन ऑफ इंडि...