गिरडीह, अक्टूबर 30 -- Gridih News: पीरटांड़। जीवन में परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुकूल नहीं होतीं। ऐसे में प्रतिकूल परिस्थितियों से घबराकर निराश होने की बजाय अपनी सोच और दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाना चाहिए। यदि परिस्थितियों को बदलना संभव न हो, तो उनके प्रति अपना नजरिया बदल लेना ही मानसिक शांति और संतुलित जीवन का मार्ग है। भगवान से केवल दुख दूर करने की प्रार्थना नहीं करनी चाहिए, बल्कि दुख आने पर उसे सहने और उसका सामना करने की शक्ति भी मांगनी चाहिए। यह बातें राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने गुणायतन में आयोजित शंका समाधान कार्यक्रम में बोल रहे थे। गुणायतन में प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां आने पर सबसे पहले उन्हें बदलने का प्रयास करना चाहिए। यदि परिस्थितियों को बदलना संभव न हो, तो उनके प्रति अपना दृष्टि...