गिरडीह, अक्टूबर 17 -- Gridih News: झारखंडधाम/रेम्बा, हिटी। जमुआ प्रखंड के रेम्बा में शारदीय नवरात्र के दौरान प्रतिमा पूजा की परंपरा वर्ष 1972 से चली आ रही है। करीब पांच दशक से अधिक पुरानी इस परंपरा की खासियत यहां होने वाली विशिष्ट पूजा पद्धति है। शास्त्रीय विधि-विधान से होनेवाली इस पूजा में कई दुर्लभ सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें ओस की बूंदें, हाथी द्वारा की गई मिट्टी, राजा द्वार की मिट्टी, गणिका के आंगन की मिट्टी तथा सांप की बांबी की मिट्टी जैसी विशेष सामग्रियां शामिल हैं। परंपराओं के प्रति अटूट आस्था और विधि-विधान के सख्त पालन ने रेम्बा की इस पूजा को विशिष्ट पहचान दी है। यह भी पढ़ें- Palamu News: छतरपु बाजार समिति में बनाया गया है रामेश्वरम मंदिर के जैसा पूजा पंडाल मंदिर की स्थापना के बाद से करीब पांच दशक तक विजय नंदन पांडे...