गिरडीह, जुलाई 4 -- Gridih News: संजय कुमार, डुमरी। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे-19 (पूर्व में एनएच-2) के डुमरी प्रखंड से होकर गुजरने वाले 19 किमी सिक्सलेन मार्ग पर सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण यह मार्ग धीरे-धीरे लोगों के लिए 'मौत का हाईवे' साबित हो रहा है। अनुमान के मुताबिक डुमरी एवं निमियाघाट थाना क्षेत्र में हर महीने औसतन 3 से 4 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। डुमरी प्रखंड क्षेत्र में इस हाईवे के दोनों ओर घनी आबादी, बाजार और कई गांव बसे हुए हैं। ग्रामीणों को रोजाना सड़क पार कर स्कूल, बाजार, खेत और दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। पर्याप्त अंडरपास और फुट ओवरब्रिज नहीं होने के कारण सड़क पार करने के दौरान सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार राहगीर और बा...