गिरडीह, अक्टूबर 4 -- Gridih News: बगोदर। प्रवासी मजदूर के मासूम बच्चे की जान बचाने के लिए परिजन अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सहयोग की गुहार लगा रहे हैं, मगर कोई सुननेवाला नहीं है। असाध्य रोग से जूझ रहे बच्चे का आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए राशन कार्ड में नाम जुड़वाने को परिजन दर-दर भटक रहे हैं। तिरला निवासी प्रवासी मजदूर योगेन्द्र महतो का 6 वर्षीय बेटा निक्कू कुमार पिछले तीन साल से असाध्य रोग से जूझ रहा है। मुंबई से लेकर कोलकाता तक इलाज कराया गया, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। फिलहाल कोलकाता के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने ठीक होने का आश्वासन दिया है। इसमें लगभग चार लाख रुपये खर्च होने की संभावना है, जो परिवार की आर्थिक स्थिति से बाहर है। शनिवार को बगोदर पहुंचे निक्कू के दादा बालेश्वर महतो ने बताया कि बच्च...