गिरडीह, नवम्बर 5 -- Gridih News: उपेक्षा गोपीकृष्ण वर्मा सियाटांड़,प्रतिनिधि। गिरिडीह जिले के जमुआ विधानसभा क्षेत्र में आज आजादी के 79 वर्षों बाद भी दर्जनों ऐसे गांव है जहां के निवासी एक अदद पहुंच पथ के लिए आज तक लालायित हैं। यह सोचने वाली बात है कि एक ओर जहां पीडब्ल्यूडी की सड़कें हर साल मानसून से पहले और मानसून के बाद (आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच) सर्वे करता है और बजट जारी करके पैचवर्क या रिन्यूअल कोट (नई परत) बिछाने का काम कराता है, बन चुके ग्रामीण इलाकों की सड़कें भी अब नए नियम के तहत पांच वर्षों में स्वत: विभाग द्वारा नवीनीकरण और मरम्मत कार्य किया जाना है। वहीं दूसरी ओर जहां अबतक सड़क नहीं बनी है वहां के लिए सरकार की अबतक कोई ठोस योजना नहीं है कि पहले वहां सड़क बनाई जाएं।

तीन गांवों को पक्की सड़क का इंतजार जमुआ प्रखंड के भीमाट...