गिरडीह, अक्टूबर 26 -- Gridih News: पीरटांड़, प्रतिनिधि। जीवन में सही प्रेरणा, अच्छे संस्कार और विवेकपूर्ण व्यवहार व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारते हैं। इसलिए मनुष्य को अच्छे निमित्तों का आश्रय लेना चाहिए और बुरी संगति से बचना चाहिए। परिवार में प्रेम और आत्मीयता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन संबंधों में अधिकार जताने और अत्यधिक मोह रखने से बचना चाहिए। यह बातें राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने गुणायतन में आयोजित शंका समाधान कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहीं। मुनि श्री ने प्रेरणा, पारिवारिक संबंधों, क्रोध पर नियंत्रण, पुण्य, लेश्या और मंदिरों की सीढ़ियों व फर्श पर दानदाताओं के नाम लिखने की परंपरा जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के विचार, व्यवहार और संगति का उसके जीवन पर गहरा प्रभाव प...