गिरडीह, जुलाई 7 -- Gridih News: अजय भंडारी, पीरटांड़। पारसनाथ पहाड़ से निकलनेवाले नदी-नाले के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। नदी-नाले किनारे जमीन पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। जमीन अतिक्रमण के कारण हर रोज नदी-नाले संकरे हो रहे हैं। नाले को सुविधानुसार डायवर्ट तक किया जा रहा है। क्षेत्र की नदियों में गंदगी बहाने से नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है। नदी का पानी प्रदूषित होने से बीमारी का भी खतरा बढ़ गया है। बतला दें कि सम्मेदशिखर पारसनाथ पहाड़ से मधुबन के दोनों किनारे कई छोटे-बड़े नदी-नाले बहते हैं। इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। मधुबन में संचालित विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगातार नदी-नाले का अतिक्रमण किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- Chapra News: जैतपुर में शुरू हुई पइन की सफाई, किसानों में जगी उम्मीदअतिक्रमण और प्रदूषण मधुबन में स...