गिरडीह, अगस्त 25 -- Gridih News: पीरटांड़, प्रतिनिधि। मधुबन स्थित गुणायतन में साधनारत राष्ट्र संत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को केवल धन-संपत्ति बढ़ाने की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि पुण्य की संपत्ति बढ़ाने का भी निरंतर प्रयास करना चाहिए। सांसारिक धन और संपत्ति इसी संसार में रह जाती है, जबकि शुभ भाव, परोपकार और परमार्थ की भावना ही जीवन की वास्तविक कमाई बनती है। धन के साथ पुण्य की संपत्ति बढ़ाना ही वास्तविक समृद्धि है। मधुबन स्थित गुणायतन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने कहा कि दान करने से पुण्य की वृद्धि होती है और पुण्यवृद्धि से जीवन में श्रीवृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मुनि श्री ने श्रद्धालुओं को हर्ष और उत्साह के साथ अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि गृहस्थ व्यक्ति ...