गिरडीह, सितम्बर 8 -- Gridih News: जमुआ, प्रतिनिधि। बारिश हुई और जमुआ में विकास योजनाओं का पूरा मुखौटा उतर गया। और, ग्रामीण सुविधाओं के अभाव में भारी फजीहत झेल रही है। बतला दें कि सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई। रास्तों को गड्ढ़ों ने निगल लिया और 315 गांवों की जनता को एक बार फिर समझ आ गया कि विकास आखिर होता कहां है। 42 पंचायत और 315 गांववाले जमुआ में आबादी और मतदाताओं की गिनती चुनाव के समय खूब होती है लेकिन विकास की राशि बांटने की बारी आते ही यही आबादी शायद आंकड़ों से गायब हो जाती है। प्रखंड के 50 से अधिक गांव आज भी ऐसे हैं, जहां पहुंचना बरसात में किसी परीक्षा से कम नहीं। ग्रामीण कीचड़ में चलें या गड्ढों में गिरें, इससे व्यवस्था को कोई फर्क नहीं पड़ता।

ग्रामीण सड़कों की स्थिति 2014 से 2024 के बीच पुल बने, दर्जनों कच्चे पथों का कालीकरण हुआ,...