गोरखपुर, अक्टूबर 30 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, राजीव दत्त पाण्डेय। दो साल से बड़े बच्चों के जन्म पत्र बनाने के नियम में बदलाव के बाद अभिभावक परेशान दिख रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र बनाने के आवेदन जमा ही नहीं हो पा रहे हैं। अभिभावक नगर निगम के जोनल अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। दूसरी ओर जिम्मेदारों ने प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट नामित नहीं किया है,जिससे ऐसे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदनों का सत्यापन कराया जा सके। फिलहाल नगर निगम के सभी पांच जोन में जन्म-मृत्यु से जुड़े ऐसे करीब 5000 आवेदन जमा ही नहीं हो पा रहे हैं। देशभर में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधित) अधिनियम को एक अक्तूबर 2026 से सख्ती के साथ लागू कर दिया है। इस नए और सख्त संशोधन के बाद से गोरखपुर समेत अन्य जनपदों में दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के जन्...