गोरखपुर, अगस्त 5 -- Gorakhpur News: झुमिला बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। गोला विकास खंड के देवकली (कुड़वाआम) में आयोजित शिव महा पुराण कथा में सोमवार को अयोध्या से पधारे आचार्य विनोद महराज ने कहा कि सनातन परंपरा में 'शिव' शब्द का शाब्दिक अर्थ ही कल्याणकारी है। वे त्रिदेवों में संहारक माने गए हैं, लेकिन उनका संहार विनाश मात्र नहीं, बल्कि नूतन सृजन की भूमिका है। वैदिक ऋषियों ने प्रकृति के गूढ़ रहस्यों को समझने के लिए जिन्हें प्रतीकात्मक रूप प्रदान किया, वे शिव स्वरूप में स्पष्ट दृष्टिगोचर होते हैं। ऋग्वेद से लेकर उपनिषदों और स्मृतियों तक, भगवान शिव का प्रत्येक आभूषण, वाहन और अस्त्र दर्शन एवं ब्रह्मांडीय विज्ञान का अद्भुत संगम है। यह भी पढ़ें- Dehradun News: माता पिता का सम्मान ही सच्चा संस्कार उन्होंने कहा कि वृषभ वाहन, नंदी धर्म और सामर्थ्य का ...