गोरखपुर, जुलाई 28 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन सोमवार को प्रयागराज से पधारे कथाव्यास आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि वास्तविक सुख धन, संपत्ति, भवन और अन्य संसाधनों में नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के चरणों में है। सांसारिक साधन क्षणिक सुख दे सकते हैं, लेकिन स्थायी आनंद ईश्वर की भक्ति से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सुख और दुख जीवन में स्थायी नहीं होते। भगवान श्रीराम के वनवास का प्रसंग हमें सिखाता है कि जो स्वयं संसार को सुख देने वाले हैं, उन्हें भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में विचलित होने के बजाय धैर्य और धर्म का पालन करना चाहिए।

रामराज्य का अर्थ आचार्य शांतनु ने कहा कि रामराज्य का अर्थ समता...