गोरखपुर, अक्टूबर 9 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। डीडीयू के शिक्षाशास्त्र विभाग में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित दस दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम के तीसरे दिन शोध की गुणवत्ता, अकादमिक नैतिकता, मुक्त शैक्षिक संसाधनों और सांख्यिकीय विश्लेषण पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। पहले सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज के शिक्षा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि दुबे ने कहा कि शोध में मौलिकता बनाए रखने के लिए संदर्भों का उचित उल्लेख और मूल स्रोतों को श्रेय देना जरूरी है। उन्होंने शोधार्थियों को अकादमिक ईमानदारी और नैतिक मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।दूसरे सत्र में मनोविज्ञान विभाग की प्रो. विस्मिता पल्लवाल ने कहा कि डिजिटल अध्ययन सामग्री शोधार्थियों के लिए ज्ञान के नए अवसर उपलब्ध कराती है। यह...