गोरखपुर, जुलाई 14 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। सुरक्षा जांच में रामगढ़झील की जेटी के दो पिलर कमजोर मिलने के बाद जीडीए मानक तय करने की कवायद में जुट गया है। इसके तहत जेटी की निगरानी लिडार (लेजर) बेस्ड स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम से की जाएगी। यह तकनीक संरचना में मामूली झुकाव, कंपन, दरार या किसी भी तरह के खतरे का रियल टाइम में पता लगा कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजेगी। जरूरत पड़ने पर मौके पर सायरन भी बजेगा। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: रामगढ़झील में लेजर तकनीक से जेटी की निगरानी की तैयारीजेटी की मरम्मत और निगरानी प्राधिकरण का मानना है कि 39 साल पुरानी जेटी के 90 पिलर में सीढ़ियों के पास के सिर्फ दो पिलर क्षतिग्रस्त हैं। शेष दुरुस्त हैं। ऐसे में जेटी को तत्काल तोड़ने के बजाए उसकी मरम्मत पर ध्यान दिया जाए। इसक...