गोरखपुर, नवम्बर 2 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। गोरखपुर रंग महोत्सव में प्रख्यात अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने बिहार प्रांत के गांव के सब्बू से लेकर प्रख्यात अभिनेता बनने के सफर को बड़े रोचक अंदाज में बताया। उन्होंने बताया कि बचपन में गांव में हिंदी और भोजपुरी में नाटक करते थे। गांव में लोगों की टिप्पणियां अधिक प्रेरित करती थीं। उन्होंने बताया कि नाटक को कैरियर बनाने की बात करना परिवार में करना एक चुनौती थी। पिता से कहने का साहस न होने पर मां को समझाते थे कि एक्टर बनते ही इंजीनियर, डॉक्टर या पुलिस आफिसर बनना बाएं हाथ का खेल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव में नाटक की जिम्मेदारी मिलते ही उन्होंने प्रयोगधर्मिता को अपनाना शुरू कर दिया। नाटकों में बैक स्टेज की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होने कहा कि इससे अलग-अलग क्राफ्ट सीखने क...