गोरखपुर, जुलाई 14 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। वरासत में मौजा गौर के जंगी लाल का नाम रंगी लाल हो गया है। इस कारण खतौनी में नाम होने के बावजूद उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इस गलती में 75 साल के बुजुर्ग जंगी लाल का कोई दोष नहीं है, लेकिन दो साल से वह राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में अपना नाम ठीक कराने के लिए दौड़ रहे हैं। यह मामला तो सिर्फ बानगी है, ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जहां लोग वर्षों से दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। तहसील सदर में खतौनियों में गलतियों के सुधार में काश्तकारों को राजस्व संहिता की धारा 32/38 की सुनवाई में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान सुविधाओं से वंचित होने के साथ ही जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है।

जंगीलाल का मामला जंगीलाल ने बताया कि एसडीएम न्यायालय में उनकी पत्रावली गायब बताई जा रही ...