गोरखपुर, नवम्बर 3 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। ऋषि सेवा समिति की ओर से रुस्तमपुर स्थित दुर्गा चौक के पास आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास राघव ऋषि महाराज ने 'भरत चरित्र' का प्रसंग सुनाया। उन्होंने उस कारुणिक दृश्य का अत्यंत जीवंत और साहित्योन्मुखी चित्रण किया जब भरत संपूर्ण सांसारिक ऐश्वर्य और राज-वैभव को लांछित करते हुए कहते हैं कि 'जिस राजपद की प्राप्ति मर्यादा पुरुषोत्तम के निर्वासन की विभीषिका पर टिकी हो, वह पद सर्वथा त्याज्य और घृणित है।' उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में, जहां भौतिक लिप्सा, भ्रातृ-द्वेष और सत्ता की लोलुपता ने मानवीय मूल्यों को पतनमुख कर दिया है। वहां भरत का यह अनासक्त भाव और निश्छल अनुराग वैश्विक समाज के लिए एक शाश्वत संजीवनी और नैतिक दिग्दर्शन है। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: श्रद्धा से रति और रति से उत...