गोरखपुर, अगस्त 21 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। जिला अस्पताल के आयुष विंग में दवाओं की कमी से मरीजों को इलाज में बड़ी परेशानी हो रही है। इस विंग में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और योग पद्धति से इलाज किया जाता है। अस्पताल में तैनात चार आयुष चिकित्सक प्रतिदिन लगभग 150 से अधिक मरीजों का ओपीडी में इलाज करते हैं। जरूरी आयुर्वेद और यूनानी दवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। इससे इलाज का परामर्श लेने वाले मरीज बगैर दवाओं के लौट रहे हैं। आयुष चिकित्सकों का कहना है कि पेट दर्द, जोड़ों का दर्द, सांस फूलना, बदन दर्द, बुखार और मिर्गी के झटके जैसी सामान्य समस्याओं की अधिकतर दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। बच्चों की बीमारियों के इलाज में भी दवाओं का संकट है। आयुष विंग के होम्योपैथिक दवाओं पर भी खत्म होने का संकट मंडरा रहा है। इसके कारण मरीजों को बाह...