गोरखपुर, अक्टूबर 12 -- Gorakhpur News: चिल्लूपार/बड़हलगंज, हिंदुस्तान संवाद। श्रीमद रुद्र भागवत कथा के प्रथम दिन कथा का रसपान कराते हुए अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी महराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल में ही जनमानस की आत्मा विद्यमान होनी चाहिए। मुक्तिपथ जैसा स्थान जहां पर शिव क्रीड़ा करते हैं, वहां पर कथा होना अपने आप में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि जिसने सत्य को समझ लिया वह शिव हो जाता है और जिसने सत्य को नहीं समझा वह शव हो जाता है। कथा व्यास ने कहा कि श्मशान के तीन गुण शास्त्रों में लिखा है। यह नश्वरता का बोध कराता है, और इसको जानकर मनुष्य के अंदर वैराग्य आ ही जाता है। यह भी पढ़ें- Buxar News: भागवत कथा से भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और मानव जीवन का संदेश राम नाम ही सबसे बड़ा सत्य है। और जिस दिन मनुष्य को यह अनुभूति हो गई उसके अ...