गोंडा, जुलाई 6 -- Gonda News: गोण्डा, संवाददाता। शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए आयोजित होने वाला सम्पूर्ण समाधान दिवस जिले में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है। अफसरों के सामने पेश होने वाले फरियादियों को सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पीकर ही संतोष करना पड़ता है। वकीलों के मुताबिक बैनामे के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के लिए 45 दिन का समय निर्धारित है, लेकिन कई मामलों में तीन-तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फाइलें लंबित हैं। फरियादियों का कहना है कि न्यायालयों में नियमित सुनवाई नहीं होती। नायब तहसीलदार गोण्डा, तहसीलदार सदर न्यायालय में सबसे अधिक मामले लंबित बताए जा रहे हैं। यह भी पढ़ें- Gonda News: समाधान की आस में पहुंचे लोग, मिला सिर्फ आश्वासन समाधान की आस में पहुंचे लोग, मिला सिर्फ आश्वासन यदि किसी दिन त...