गोड्डा, जुलाई 4 -- Godda News: महगामा, प्रतिनिधि। जिस उम्र में नन्हे हाथों में किताबें होनी चाहिए, कंधों पर स्कूल बैग होना चाहिए और मासूम चेहरों पर पढ़ाई के सपने सजने चाहिए, उसी उम्र में कुछ बच्चे पेट की आग बुझाने के लिए कंधों पर प्लास्टिक का बोरा उठाकर कचरा बीनने को मजबूर हैं। यह मार्मिक तस्वीर हनवारा थाना क्षेत्र के शहजादपुर मुख्य चौक की है, जहां छोटे-छोटे बच्चे सड़क किनारे कचरे के ढेर में प्लास्टिक और कबाड़ तलाशते नजर आए। हालांकि बच्चे अपने नाम भी बताने से इंकार कर रहे थे।

बच्चों की असली कहानी बच्चों के साथ उनके पिता भी मोटरसाइकिल जुगाड़ गाड़ी के साथ मौजूद थे। जब उनसे पूछा गया कि बच्चों को पढ़ाई कराने के बजाय कचड़ा बिनवाने की मजबूरी क्या है और क्या वे स्कूल जाते हैं, तो उन्होंने कोई जवाब देने से इंकार कर दिया। उनकी खामोशी ही शायद उनकी...