गोड्डा, जुलाई 8 -- Godda News: महगामा प्रतिनिधि। महगामा प्रखंड एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान अच्छी बारिश की उम्मीद के साथ खरीफ खेती की तैयारियों में जुट गए हैं।एक समय था जब महगामा और आसपास के लगभग हर गांव में दर्जनों हल-बैल किसानों की पहचान हुआ करते थे। खेती की शुरुआत बैलों की घंटियों की आवाज और हल की पहली लकीर से होती थी। खेतों की जुताई, बुआई, फसल की ढुलाई से लेकर ग्रामीण जीवन की पूरी व्यवस्था बैलों पर आधारित थी। आधुनिक दौर में ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों के बढ़ते उपयोग से हल-बैल का चलन काफी कम हो गया है, लेकिन आज भी छोटे और सीमांत किसान पारंपरिक तरीके से खेती कर इस विरासत को जीवित रखे हुए हैं。 यह भी पढ़ें- Dumka News: दो दिनों से हुई बारिश से गर्मी से लोगों को मिली राहतकिसानों की तैयारियां आसमान की ओर टकटकी लगाए किसान खेतों में हल-...