गोड्डा, अगस्त 23 -- Godda News: शहर में गिरते भूजल स्तर और प्रदूषित होते भूजल ने आने वाले दिनों के जल संकट की चिंता बढ़ा दी है। शहर के करीब 90 प्रतिशत इलाकों में कुएं और चापाकल का पानी अब पीने योग्य नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि पहले इन्हीं जलस्रोतों का पानी पीने और घरेलू जरूरतों के लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन अब पानी खारा और स्वाद में मोटा हो गया है। कई स्थानों पर बोरिंग से निकलने वाले पानी में दुर्गंध की भी शिकायत है। ऐसे में शहर के लोगों की निर्भरता शहरी जलापूर्ति और बाजार से खरीदे जाने वाले पानी पर लगातार बढ़ती जा रही है। पेयजल खरीदना अब शहरवासियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन गया है। शहर के लगभग सभी मोहल्लों में लोग पेयजल के लिए शहरी जलापूर्ति पर निर्भर हैं। जिन घरों में नियमित या पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती, वहां लोग फिल्टर ...