गुमला, जुलाई 9 -- Ghumla News: गुमला संवाददाता । गुमला नगर परिषद की नई बोर्ड को बने छह महीने से अधिक समय हो चुका है। इस अवधि में शहर के विकास के दावे तो खूब हुए, लेकिन धरातल पर नगर परिषद की प्राथमिकताएं सवालों के घेरे में हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल शहर का बाजार टांड़ है। जिस बाजार टांड़ से नगर परिषद को हर वर्ष करीब 50 लाख रुपये का राजस्व मिलता है, वहीं आज भी विकास के नाम पर बदहाली की तस्वीर दिखाई देती है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगर परिषद के लिए बाजार टांड़ केवल राजस्व वसूली का केंद्र बनकर रह गया है, विकास का नहीं।

बाजार टांड़ की अव्यवस्था मंगलवार और शनिवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों किसान, व्यापारी और खरीदार पहुंचते हैं। लेकिन बारिश शुरू होते ही पूरा बाजार टांड़ कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है। जगह-जगह ...