गुमला, अगस्त 2 -- Ghumla News: डुमरी, प्रतिनिधि। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी परिसर में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत रविवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने धातृ माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए पहला प्राकृतिक टीका है, जो उसे कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध (कोलोस्ट्रम) नवजात के लिए अमृत के समान होता है। उन्होंने सभी धातृ महिलाओं से अपील की कि शिशु के जन्म के बाद पहले छह माह तक केवल मां का दूध ही पिलाएं, क्योंकि इससे शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह भी पढ़ें- ...