गुमला, अक्टूबर 17 -- Ghumla News: घाघरा, प्रतिनिधि। दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सत्य की असत्य पर जीत और भारतीय संस्कृति व परंपरा को जीवित रखने का प्रतीक है। आदिवासी समाज में भी शक्ति की पूजा की परंपरा रही है। मां दुर्गा शक्ति, मां लक्ष्मी धन-धान्य और मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं। लोग इनकी आराधना कर अपनी आस्था के साथ संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। ये बातें भारतीय राजस्व सेवा की अपर आयकर आयुक्त निशा उरांव ने शुक्रवार को घाघरा के चांदनी चौक में कहीं। वह श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से निर्मित पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंची थीं। यह भी पढ़ें- Sonbhadra News: दुर्गा पूजा आस्था-आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक -आर पी सिंह निशा उरांव ने फीता काटकर पंडाल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा समाज को बु...