गाजीपुर, अगस्त 22 -- Ghazipur News: रेवतीपुर, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में श्री मानस संघ सुहवल की ओर से आयोजित तीन दिवसीय तुलसी जयंती समारोह का समापन हुआ। अंतिम दिन व्यास पीठ से मानस मर्मज्ञ पंडित अरविंद तिवारी ने कहा कि तुलसी का मानस जीवन जीने की कला सिखाता है। रामचरितमानस में पात्रों, घटनाओं, संवादों और प्रसंगों के माध्यम से गोस्वामी तुलसीदास ने सनातन धर्म की व्याख्या करने के साथ लोककल्याण का मार्ग भी प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि मानस के प्रति आमजन में अगाध प्रेम का प्रमुख कारण तुलसीदास की रचनाओं में निहित जनकल्याण की भावना है। अंतिम दिन हनुमान चालीसा की चौपाई 'और देवता चित्त न धरई, हनुमत सेइ सर्व सुख करई' विषय पर कथा करते हुए उन्होंने हनुमानजी को सर्वप्रिय बताते हुए उनकी भक्ति और महिमा का वर्णन किया। यह भी पढ़ें- ...