गाज़ियाबाद, अक्टूबर 12 -- Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। नसों में खून का थक्का (थ्रांबोसिस) जमने की समस्या से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं। जिले में हर साल 300 से ज्यादा मरीज सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। लेकिन गोल्डव ऑवर के बाद मरीज के पहुंचने से मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। विश्व थ्रांबोसिस दिवस हर साल 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो समय रहते पहचान में न आने पर जानलेवा साबित हो सकती है। नसों में खून का थक्का बनने से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है। यही थक्का जब फेफड़ों तक पहुंचता है, तो पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। खून का प्रवाह बाधित होने पर हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी हो सकता है। हर महीने 300 से अधिक लोगों के हार्ट अटैक,...