गाज़ियाबाद, सितम्बर 7 -- Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। बदलती जीवनशैली, गलत पोश्चर (बैठने की आदतों) और बढ़ती उम्र के साथ शरीर में उठने वाली मांसपेशियों और जोड़ों की तकलीफों ने लोगों को फिजियोथैरेपी की ओर मोड़ दिया है। एमएमजी अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल की फिजियोथैरेपी से रोजाना 200 मरीज आराम पा रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट सैयद जौहर अली नकवी बताते है कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद मरीजों को दोबारा चलने-फिरने और सामान्य जीवन जीने लायक बनाने में फिजियोथैरेपी की भूमिका बेहद अहम होती है। स्ट्रोक के कारण शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो जाने पर समय पर शुरू की गई फिजियोथैरेपी मरीज की मांसपेशियों को दोबारा सक्रिय करने, संतुलन बनाने और बोलने-निगलने जैसी क्रियाओं को सुधारने में मदद करती है। इसी तरह हड्डी के ऑपरेशन, घुटना या कूल...