गाज़ियाबाद, अगस्त 17 -- Ghaziabad News: गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। चार साल के बच्चे अमन की मौत के बाद जिले में आवारा कुत्तों की धरपकड़, नसबंदी और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गली-मोहल्लों से लेकर गांवों तक लगातार बढ़ रहे आवारा कुत्तों के झुंड से बच्चों और बुजुर्गों का अकेले घर से निकलना मुश्किल हो गया है। जिले के ज्यादातर इलाकों में सुबह और शाम के समय सड़कों व गलियों में आवारा कुत्तों के झुंड अधिक सक्रिय रहते हैं। बाइक और साइकिल सवारों के पीछे दौड़ने के साथ ही राहगीरों पर भौंकने और हमला करने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। इससे अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों के झुंड खेतों, रास्तों और आबादी वाले इलाकों में घूमते दिखाई देते हैं। चार साल के बच्चे अमन पर 12 अगस्त को कुत्तो...