घाटशिला, जुलाई 25 -- Ghatsila News: मुसाबनी, संवाददाता। इस वर्ष मानसून किसानों का साथ नहीं दे रहा है। कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती पर पड़ रहा है। मुसाबनी प्रखंड पूरी तरह प्राकृतिक वर्षा पर आधारित कृषि क्षेत्र है। यहां के किसान वर्षा के अनुरूप ही खेती और अपनी आय का आकलन करते हैं। प्रखंड में जुलाई माह में अब तक 117.02 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष जुलाई की इसी अवधि तक 219 मिमी वर्षा हो चुकी थी। वर्षा में आई इस भारी कमी का असर खेती पर साफ दिखाई दे रहा है।

धान की खेती का लक्ष्य मुसाबनी प्रखंड में धान की खेती का लक्ष्य 4,688 हेक्टेयर निर्धारित है, लेकिन अब तक केवल 562 हेक्टेयर (12 प्रतिशत) क्षेत्र में ही धान की रोपाई हो सकी है। इसी तरह 700 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले मात्र 28 हेक्टेयर (4 प्रतिशत) में मक्का क...