नई दिल्ली, सितम्बर 3 -- जीडीपी के पहली तिमाही के आंकड़े सामने आने के बाद से ही बवाल मचा हुआ है। विपक्ष कह रहा है कि भट्ठा बैठ गया है, जबकि सरकार कह रही कि सब अच्छा है। दरअसल पहली तिमाही कंडीशन विपरीत थे। ईरान-अमेरिका का युद्ध चरम पर था। कच्चे तेल में आग लगी हुई थी और पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ। सोने को टैक्स लगाकर महंगा किया गया। खुद रिजर्व बैंक ने आकलन किया था कि ग्रोथ कम हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है। महंगाई तो बढ़ी लेकिन ग्रोथ कम नहीं हुई। यह राहत की बात है। यही राहत की बात विपक्ष को खटक रही है। विपक्ष के सवालों के बाद अब सरकार ने साफ किया है कि उसने Q1 2025-26 की मौजूदा कीमतों पर GDP को 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपये नहीं किया है, ताकि इस साल की GDP बेहतर दिख सके। मंगलवार को सरकार ने बताया कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ...