गया, जून 29 -- Gaya News नगर के बाड़ा मोहल्ला में आयोजित 'कहानी विद कॉफी' कार्यक्रम की 22वीं कड़ी में महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी 'गुंडा' का पाठ और परिचर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि यह कहानी मानवीय संवेदना, नैतिकता, कर्तव्यबोध, सात्विक प्रेम और राष्ट्रीय पुनर्जागरण की मार्मिक अभिव्यक्ति है। शिक्षक पवन कुमार ने कहा कि कहानी के माध्यम से तत्कालीन समाज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चरित्रों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि कहानी का नायक बाबू नन्हकू सिंह काशी के एक प्रतिष्ठित जमींदार परिवार से था, जो परिस्थितियों और एकतरफा प्रेम के कारण समाज की नजर में 'गुंडा' बन गया। नन्हकू सिंह का प्रेम पन्ना से था, लेकिन उसे राजा बलवंत सिंह ने अपनी रानी बना लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी संपत्ति त्यागकर शोषितों की रक्षा...